Friday, October 07, 2016

Health care Powerfull Mantras

Our body is struggling with many problems, while keeping it fit measures are in front of us. Such as exercise, physical exertion, medicines etc. But many people, these measures seem hard. Therefore, they are exposed to physical troubles and disease. Few people know that exercise and other healthy body processes of physical health is also a beneficial addition to the power of mantras. At the same mantra is not suitable for every disease. For every one disease but also in the scriptures of different mantras have been explained. Some spells are described in accordance with a given disease. The chanting of the mantras of these different rules, which are considered essential to follow.The power of these mantras mantras rush disease has amazing power. The regular chanting gives peace of mind not only native, but also the critical illness may also drive away so much you do it is up to you. This post especially for those who often keep on telling me to show Cmtkar spells. She obviously try to use them in the power of knowledge will enchantments and perhaps even convinced a few of my things. It would be terminating a Atisokti not some disease from the root. You and God are the same because the power of the mind is no power greater than God created not only by the strength of mind to work and spells.

कैसे और क्या करें 
मंत्र जप के लिए आप इस सामान की व्यवस्था करें। आसन(कुश/ऊनी), गोमुखी, रुद्राक्ष माला, पंचमात्र, आचमनी और शुद्ध जल।

आचमन क्रिया
प्रथम आचमन - ॐ केशवाय नम:
द्वितीय आचमन - ॐ नारायणाय नम:
तृतीय आचमन - ॐ माधवाय नम:
चतुर्थ आचमन - हस्त प्रक्षालन।
ॐ गोविंदाय नम: बोलकर हाथ धो लें।

पूर्व अथवा पश्चिम की तरफ मुख करके स्नानादि करके शुद्ध कपड़े पहनकर आसन बिछाएं। अब उपरोक्त विधि से आचमन करें और रोगानुसार मंत्र चयन कर पांच माला जप नियमित करें। माला गौमुखी में रखें और गौमुखी से तर्जनी उंगली बाहर रखें और मंत्र जप करें। मंत्र जप न बहुत तेजी से हो और न ही धीमे, पर स्पष्ट उच्चारण आवश्यक शर्त है। एक दिन में एक ही समय मंत्र जप करें। जप की संख्या बढ़ा भी सकते हैं।

कैंसर रोग
ॐ नम: शिवाय शंभवे कर्केशाय नमो नम:।
यह मंत्र किसी भी तरह के कैंसर रोग में लाभदायक होता है।

मस्तिष्क रोग
ॐ उमा देवीभ्यां नम:।
यह मंत्र मस्तिष्क संबंधी विभिन्न रोगों जैसे सिरदर्द, हिस्टीरिया, याददाश्त जाने आदि में लाभदायी माना जाता है।

आंखों के रोग
ॐ शंखिनीभ्यां नम:।
इस मंत्र से जातक को मोतियाबिंद सहित रतौंधी, नेत्र ज्योति कम होने आदि की परेशानी में लाभ मिलता है।

हृदय रोग
ॐ नम: शिवाय संभवे व्योमेशाय नम:।
हृदय संबंधी रोगों से अधिकांश लोग पीड़ित होते हैं। इसलिए अगर वे इस मंत्र का जप करें, तो उन्हें लाभ मिलता है।

स्नायु रोग
ॐ धं धर्नुधारिभ्यां नम:।

कान संबंधी रोग
ॐ व्हां द्वार वासिनीभ्यां नम:।
कर्ण विकारों को दूर करने में यह मंत्र आश्चर्यजनक भूमिका निभाता है।

कफ संबंधी रोग
ॐ पद्मावतीभ्यां नम:।

श्वास रोग
ॐ नम: शिवाय संभवे श्वासेशाय नमो नम:।

पक्षाघात रोग
ॐ नम: शिवाय शंभवे खगेशाय नमो नम:।

Orginal source by: http://apsaramagic.blogspot.in/2011/11/healing-health-with-mantra.html